1-सर्वाधिकार सुरक्षित हैं ।
2-बिना अनुमति के किसी भी अंश का प्रकाशन नहीं किया जा सकता ।
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सुकेश साहनी
sahnisukesh@gmail.com
1503-सुरभि डागर की तीन कविताएँ
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*सुरभि डागर*
*1-जीवन की लहरें*
*जीवन सागर-सा गहरा है**,*
*उसमें उठती लहरें हैं।*
*कभी खुशी की धूप सुनहरी**,*
*कभी दुःखों की पहरे हैं।*
*कभ...
1 month ago
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