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*1-सौंदर्य/ अद्विका राउत* *कक्षा -चार*
***प्रकृति की सुंदरता है कितनी अनमोल**,*
*सुंदरता है जैसे मीठे गीतों के बोल।*
*बारिश की चमकती बूँदों से...
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साझा संसार: *एक झलक*
*कला, साहित्य, संगीत आदि क्षेत्रों में जन्मजात यानी नैसर्गिक प्रतिभा ही
व्यक्ति को आगे बढ़ाती है। निरन्तर प्रयास और अभ्यास से इस प्...
गाह-2 : जब डुबकी ही शुभारम्भ कहलाती थी
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*संकल्प और शुरुआत का एक नाम: आग़ाज*
*संकल्प और इच्छाशक्ति की दूरगामी सोच*‘आरम्भ’ और ‘प्रारम्भ’ जैसे शब्द किसी
कार्य के अनुष्ठान की सूचना देते हैं, तो ‘श...
वाटिका – मई 2013
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*मित्रो, ‘वाटिका’ की शुरुआत 7 अक्टूबर 2007 में हुई थी। इस ब्लॉग ने पाँच
वर्ष से अधिक का सफ़र कर लिया है। इस सफ़र में ‘वाटिका’ के साथ अपनी
कविताओं/ग़ज़लों क...
DOGS
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—Darshan Mitwa
*When the shopkeeper saw an Income-tax officer, alongwith his four
subordinates, coming in his shop; he at once stood up from his padded se...
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