एक अदालत में मुकदमा पेश हुआ । “साहब, यह पाकिस्तानी है। हमारे देश में हद पार करता हुआ पकड़ा गया है। तू इस बारे में कुछ कहना चाहता है ? मजिस्टेट ने पूछा । मैंने क्या कहना है, सरकार! मैं खेतों में पानी लगाकर बैठा था। हीर के सुरीले बोल मेरे कानों में पड़े। मैं उन्हीं बोलों को सुनता चला आया। मुझे तो कोई हद नजर नहीं आई।
178
-
*1-सौंदर्य/ अद्विका राउत* *कक्षा -चार*
***प्रकृति की सुंदरता है कितनी अनमोल**,*
*सुंदरता है जैसे मीठे गीतों के बोल।*
*बारिश की चमकती बूँदों से...
1 week ago
No comments:
Post a Comment